पर्यावरण एवं सुरक्षा हेतु पहल

हम पर्यावरण के उत्क्रुष्ट मानकों को प्राप्त करने हेतु कटिबद्ध हैं. इस हेतु हम पर्यावरणके योग्य और प्रभावी ओपरेटींग़ सीस्टम्स एवं प्रक्रियाओं का हमारे प्लांटमें इस्तेमाल करेंग़े. रत्नागिरि में कम्पनीने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित आइ एस ओ १४००१ अंतर्गत एंवायरन्ट मेंनेज्मेन्ट सीस्टम को स्थापित किया है।

हवा, पानी, शोर/ नोइस, खतरनाक वेस्ट, ई वेस्ट इत्यादि  को नजरमें रखते हुए फीनोलेक्स पर्यावरणके सारे उपयुक्त बंधक अनुपालनका पालन करती है और समाजको पर्यावरणके इन घटकोंसे होनेवाले नुकसानसे रक्षण प्रदान करती है. रत्नागिरि स्थित फीनोलेक्स ४३ MW केप्टीव पावर प्लांटमें, फ्लाय एश का १००% उपयोग किया गया है और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा जारी किये गये फ्लाय एश अधिसुचनाका पूर्ण रूपसे पालन किया है।

रत्नागिरी में हमने विस्तृत सुरक्षा यंत्रणा को नविनतम प्रोसेस सेफटी मेनेज्मेंट प्रेक्टीसेस सह इंस्टोल किया है। अपने रत्नागिरि स्थित अपने पी वी सी उत्पादक प्लांट के लिये कम्पनीको डाय्रेक्टरेट ओफ इंडरस्ट्रीयल सेफ्टी एंड हेल्थ, महाराष्ट्र और नेश्नल सेफ्टी काउंसील – महाराष्ट्र चेप्टर द्वारा “बेस्ट सेफ्टी प्रेक्टीसेस एवोर्ड -२०१५” से सम्मानित किया गया है। हमारे निर्माण प्लांट्स नविनतम फायर सेफ्टी/आग सुरक्षा उपकरणों से सज्ज है। प्लांट में खुद के अग्नी रक्षक मौजूद  हैं जो दुसरे पेट्रोचकेमिकल प्लांट्स की तरह आग बचाव कार्य सम्पन्न करनेमें सक्षम हैं। अग्निरक्षक सीस्टम को आधुनिक और चौकन्ना बनाए रखने हेतु, ओन साइट ईमर्जेंसी मेंनेज्मेंट प्लान के तहत, सब मुख्य दिखावटी कर्मियों द्वारा दिखावटी कवायत और अग्नि कवायत सालभर की जाती हैं। अग्निशमन सेवाओंका  लाभ आसपास के गांव, समुदायों एवं रत्नागिरि शहर तथा रत्नागिरि के आसपास के औध्योगिक क्षेत्रों को दिया जाता है. फीनोलेक्स “सर्वीस बेयोंड सेल्फ” में मानता है।

वायु प्रदुषण का निवारण

नेश्नल एम्बीयंट ऐर क्वालीटी स्टांडर्ड्स की जरुरतों के अनुपालन हेतु, फीनोलेक्स ने प्रक्रियाओं को इंस्टोल किया है. सारे मापंदंडों जैसे कि पर्टीक्युलेट मेटर्स, सल्फर डायोक्साइड और नाय्ट्रोजन के ओक्साइड्स का विश्लेषण धाराधोरणों के अनुसार किया जाता है। सारे स्टेक एमीशंस की भी नियमित निगरानी की जाती है और फ्लु गेस क्वालीटी को, पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड के दिये गए विनिर्देशों के अनुसार, नियंत्रणसे बरकरार रखा जाता है। सी पी पी स्टेक ओन लाइन मोनीटरींग सीस्टम के साथ इंस्टोल किया जाता है और एम पी सी बी के साथ जोडने के लिये तैयार रखा जाता है।

शून्य प्रवाह मुक्ति

रत्नागिरि के प्लांट्स के आसपासके पानी  और पर्यावरणको दूषित पदार्थों और प्रदूषकोंसे मुक्त रखनेके प्रयासमें, पीवीसी के निर्माणके दौरान बननेवाले प्रवाही पदार्थको कम्पनीके विष्वस्तरीय एफ्लुअंट ट्रीट्मेंट प्लान्टसे विविध प्रक्रियाओंसे गुजरना पडता है। इन प्रक्रियाओंमें ईक्वलाइज़ेशन, फ्लोक्युलेशन, फ्लोक सेपरेशन, एरेशन एक्टीवेटेड स्लड्ग प्रोसेस, क्लेरीफीकेशन, एक्टीवेटेड कार्बन फील्टर द्वारा पोलीशींग़ इत्यादि का समावेश होता है। प्रक्रिया के बाद   प्रवाही को रोजाना एम पी सी बी के विनिर्देशोंके अंतर्गत परखा जाता है। दूषित पदार्थोंको निकालने हेतु अल्ट्रा फील्ट्रेशन और डीमीनरलाइज़ेशन द्वारा  प्रवाहीको प्रक्रियासे गुजरना पडता है और उसे प्रक्रिया युक्त पानीमें फिर से मिलाया जाता है। ऐसे फीनोलेक्स ने सफलता से शून्य प्रवाह मुक्ति/ज़ीरो डीस्चार्ज  का अपना लक्ष्य पाया है। बाके बचे का उपयोग उध्यान, बागवानी और पेड लगानेमें किया जाता है। भूमिगत पानीकी गुणवत्ताको कुंए के पानी के नियमित सेम्प्लींग और समीक्षा से परखा जाता है।

पर्यावरण के लिये कटिबद्धता

फीनोलेक्स ने ५०,००० से भी ज्यादा तरह्के आम, चिकू, काजू, नारियेल इत्यादि जैसे फल देनेवाले और सामान्य पेड, पी वी सी निर्माण प्लान्टमें और केप्टीव पावर प्लान्टमें लगाये हैं और उनका जतन किया है। पेड लगानेकी प्रक्रिया, हर साल ५ जून को शुरु होनेवाले और सप्ताह्भर चलने वाले विश्व पर्यावरण दिवसके पर्व को साझा करने के दौरान की जाती है।

बारिशके पानीका संग्रह

फिनोलेक्स ने बाजु की नदी पर चेक् डेम बांधा है। और इस , एक तरहके निकम्मे पानीको प्लांटमें पम्पींग द्वारा छोडता है और दो बडे जलाशयों  में जमा करता है। ये जलाशय आसपासकी जमीनोंसे भी बारिशका पानी जमा करते हैं। चेक डेमसे भूमिगत पानीको आसपास लानेमें सहायता मिलती है और गांववालों को पुरे सालभर पीनेका पानी उपलब्ध हो जाता ह।

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